
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

*भौगोलिक दृष्टि से मनावर ही सबसे उपयुक्त स्थान..*
मनावर (जिला धार)। नवीन स्वीकृत जवाहर नवोदय विद्यालय को मनावर के स्थान पर धरमपुरी तहसील के तारापुर में स्थापित किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में बुधवार को मनावर विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ एसडीएम कार्यालय के सामने लगभग दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मनावर एसडीएम के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और जवाहर नवोदय विद्यालय को मनावर में स्थापित किए जाने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि 28 जुलाई को नवोदय विद्यालय संघर्ष समिति, मनावर ने विधायक डॉ. हीरालाल अलावा को ज्ञापन सौंपकर विद्यालय को मनावर तहसील में स्थापित कराने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था। इसके बाद विधायक ने आंदोलन का नेतृत्व करते हुए शासन से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग उठाई।
ज्ञापन में कहा गया कि भौगोलिक स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाएं, यातायात और उपलब्ध संसाधनों को देखते हुए मनावर ही जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। गंधवानी विकासखंड के अंतिम गांवों तथा अलीराजपुर जिले की सीमा से तारापुर की दूरी लगभग 120 से 125 किलोमीटर होने के कारण विद्यार्थियों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। वहीं सेमल्दा पुल बनने के बाद मनावर मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से जुड़ा एक प्रमुख संपर्क केंद्र बन चुका है, जिससे दूर-दराज़ के विद्यार्थियों को भी सुविधा मिल सकेगी।
धरने को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में शासन को पत्र लिखकर अपनी मांग से अवगत कराया है। यदि आवश्यकता पड़ी तो विद्यार्थियों के भविष्य और क्षेत्र के हित में आगे भी जनसंघर्ष किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा स्वयं मनावर को प्रस्तावित ग्रामीण जिले का मुख्यालय मानती रही है, इसलिए नवोदय विद्यालय की स्थापना भी मनावर में होना न्यायसंगत एवं जनहित में है। उन्होंने प्रदेश शासन से निर्णय पर पुनर्विचार कर विद्यालय को मनावर में स्थापित करने की मांग की, ताकि मनावर, कुक्षी, गंधवानी, धरमपुरी तथा अलीराजपुर जिले के विद्यार्थियों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
इस दौरान विधायक ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि मनावर के भाजपा मंडल अध्यक्ष क्षेत्र की जनता और विद्यार्थियों के हित में आवाज़ नहीं उठा सकते, तो उन्हें अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय सांसद एवं केंद्र सरकार में राज्य मंत्री द्वारा अपने राजनीतिक प्रभाव का उपयोग कर विद्यालय को अपने गृह ग्राम तारापुर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। विधायक ने कहा कि यदि पहले से स्वीकृत राष्ट्रीय शैक्षिक संस्था का स्थान बदला जाता है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था, सुशासन और संविधान की मूल भावना के विपरीत होगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


